Hindi Story 24 -अद्भुत न्याय

अमेरिका में एक पंद्रह साल का लड़का रहता था।
स्टोर से चोरी करता हुआ पकड़ा गया, पकड़े जाने पर गार्ड की गिरफ्त से भागने की कोशिश में स्टोर का एक शेल्फ भी टूट गया। जज ने जुर्म सुना और लड़के से पूछा-
“तुमने सचमुच ही कुछ चुराया था”?

क्याचुरायाथा?

“#ब्रैडऔरपनीरकापैकेट”,
लड़के ने नीचे नज़रें कर के जवाब दिया।

क्यों…?
मुझे ज़रूरत थी।

जज ने कहा- खरीद लेते?
लड़का- पैसे नहीं थे।

जज- घर वालों से ले लेते?
लड़का- घर में सिर्फ मां है, #बीमार और #बेरोज़गार है,
ब्रैड और पनीर भी उसी के लिए चुराई थी।

जज- तुम कुछ काम नहीं करते?
लड़का- करता था एक कार वाश में, मां की देखभाल के लिए एक दिन की छुट्टी की थी। तो मुझे निकाल दिया गया।

जज- तुम किसी से मदद मांग लेते।
लड़का- सुबह से घर से निकला था,
तकरीबन पचास लोगों के पास गया,
बिल्कुल आख़री में ये क़दम उठाया।

जिरह ख़त्म हुई, जज ने #फैसला सुनाना शुरू किया।

चोरी? और #ब्रैडपनीर की चोरी बहुत ही खतरनाक जुर्म है और इस जुर्म के हम सब ज़िम्मेदार हैं।

अदालत में मौजूद #हरशख़्स मुझ समेत… #हमसबमुजरिमहैं, इसलिए यहाँ मौजूद हर शख़्स पर दस-दस डालर का जुर्माना लगाया जाता है, दस डालर दिए बग़ैर कोई भी यंहा से बाहर नहीं निकल सकेगा।

ये कह कर #जजनेदस_डालर अपनी जेब से बाहर निकाल कर रख दिए और फिर पेन उठाया लिखना शुरू किया।

इसके अलावा मैं स्टोर पर… #एकहज़ारडालरकाजुर्माना करता हूं कि उसने एक भूखे बच्चे से ग़ैर इंसानी सुलूक करते हुए पुलिस के हवाले कर दिया।

अगर चौबीस घंटे में जुर्माना जमा नहीं किया गया तो #कोर्टस्टोरसीलकरनेकाहुक्मदे_देगी।

जुर्माना की पूर्ण राशि इस लड़के को देकर कोर्ट उस लड़के से माफी तलब करती है।

फैसला सुनने के बाद कोर्ट में मौजूद लोगों के आंखों से आंसू तो बरस ही रहे थे, उस लड़के की भी हिचकियां बंध गई। वो लड़का बार-बार जज को देख रहा था, जो अपने आंसू छिपाते हुए बाहर निकल गया।

क्या हमारा #समाज, #सिस्टम और #अदालत इस तरह के निर्णय के लिए तैयार हैं?राम राम जी सबको

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